
शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों के विद्यार्थियों
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षक
गुरुजनों का सम्मान किया,एवं आज पाँच सितंबर को शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन उत्साह, उमंग और गरिमा के साथ किया गया,जहाँ-कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कविता पाठ, भाषण, गीत एवं नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर शिक्षक दिवस को यादगार बनाया,एवं विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से
बताया कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं। उन्होंने गुरुजनों के मार्गदर्शन और प्रेरणा को अपने जीवन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया,शिक्षक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन मूल्यों, अनुशासन, संस्कार और जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं,जहाँ-एक शिक्षक के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हुए समाज और देश के विकास में योगदान देता है,वहीँ-शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों का सम्मान कर,शुभकामनाएं देते हुये, कहा कि,शिक्षक समाज के दीपस्तंभ हैं, उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुये,शिक्षकों के बताए मार्ग पर चलकर शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों को अपने जीवन में अपनाये,
शिक्षक ही वह शक्ति हैं, जो विद्यार्थियों को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं और समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं।
वहीँ-आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला एवं शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की,एवं सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया,जिसके पश्चात शिक्षक दिवस समारोह का समापन हुआ।
